इतिहास
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राजनीति

आरक्षण व्यवस्था: क्या ‘अयोग्य’ बना सकते हैं भारत को विकसित राष्ट्र?
आरक्षण व्यवस्था की शुरुआत अस्थायी उपाय के रूप में हुई थी. लेकिन, सात दशक बाद भी यह जारी है और…
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समसामयिक

आख़िरकार सेंगोल को उसकी जगह मिल गई
अखंड भारत के स्वर्णिम इतिहास के विशिष्ट अंग सेंगोल को 75 सालों बाद ही सही मगर, सम्सम्मान स्थान मिल गया.
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इतिहास

मीना बाज़ार: बाज़ार नहीं, कामी कीड़े अक़बर के हरम का दरवाज़ा कहिये
अटल बिहारी द्वारा रचित कविता ‘रग-रग मेरा हिन्दू परिचय’ में अकबर के पुत्रों से पूछा गया है कि उन्हें ‘मीना…
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इतिहास

'रग रग हिन्दू मेरा परिचय' की रचना अटलजी ने किशोरावस्था में ही कर डाली थी!
भारत में अब तक कई प्रधानमंत्री हुए.सब की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं.अपना एक खास परिचय है.मगर, एक ऐसा व्यक्ति भी सत्ता…
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इतिहास

मुग़लों का काला सच: मां, बहन और बेटियों से भी बनाते थे संबंध
दुनिया का इतिहास शौक़ और अय्याशी से भरा पड़ा है.लेकिन, जो अय्याशी मुग़लों ने की, उसकी मिसाल कहीं और देखने…
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इतिहास

क्या पारसी धर्म और इस्लाम की कुछ मूल अवधारणाएं समान हैं? इस्लाम ने ये अवधारणाएं क्या पारसी धर्म से ली है?
ये कहना ग़लत नहीं होगा कि पारसी धर्म और इस्लाम में पाई जाने वाली कई मूलभूत अवधारणाएं एक दूसरे से…
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इतिहास

बपतिस्मा और नमाज़ की पद्धति यहूदी, ईसाई और इस्लाम ने क्या मांडेवाद और पारसी धर्म से ली?
‘राजा मनु और जल प्रलय’ की कहानी जिस तरह ‘हज़रत नूह की नौका’ के नाम से जानी जाती है, उसी…
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इतिहास

मनुबेन की डायरी से जानिए महात्मा गाँधी के ब्रह्मचर्य के प्रयोग का सच
मशहूर कहावत ‘मखमल में टाट का पैबंद’ तो सभी ने सुनी होगी, लेकिन ‘टाट में मखमल का पैबंद’ कैसे लगाया…
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इतिहास

किशोरावस्था में जो भटके गांधीजी, बुढ़ापे में भी ख़ुद को काबू में नहीं रख पाए
– पूरी ज़िंदगी गांधी जी अपनी यौन कुंठाओं को लेकर परेशान रहे और इसी को साधने के प्रयोग करते रहे…
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इतिहास

महात्मा गांधी को मनुबेन ने कहीं अपनी 'मां' तो कहीं अपने मन की मीरा का 'श्याम' क्यों बताया है?
– तथाकथित ब्रह्मचर्य के यज्ञ, प्रयोग या अभ्यास में एक ही प्रकार की सेविकाओं के साथ अलग-अलग तरह के पारिवारिक…
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