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राजनीति

ख़तरे में देश- कौन है ज़िम्मेदार? क्या आतंकी सोच को ‘एक हाथ में कुरान, दूसरे में कंप्यूटर’ की नीति दे रही है खाद-पानी?
जब अपने ही देश और शहर में लोग असुरक्षित अनुभव करने लगें तो यह ख़तरे का संकेत नहीं, ख़तरनाक हो…
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