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समाज

भारत में देसी व्यंजन विदेशी नाम पर महंगे बिकते हैं!
हमारी नई पीढ़ी का मिजाज़ कुछ अलग ही है.इसलिए उन्हें रेसिपी से ज़्यादा व्यंजनों के विदेशी नाम का ध्यान होता…
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इस्लाम

मुस्लिम देशों में महिलाएं: तस्वीर बदलती नज़र नहीं आती?
मुस्लिम देशों में महिलाओं की हालत में सुधार लाने के बजाय उनसे जुड़े नियमों में बदलाव का दिखावा हो रहा…
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समसामयिक

कुरान जलाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है या आस्था के प्रतीक का अपमान?
कुरान जलाने से किन विचारों की अभिव्यक्ति होती है, यही सबसे बड़ा सवाल है.
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विज्ञान एवं तकनीक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: विकास के नाम पर इंसान कहीं अपनी बर्बादी का सामान तो नहीं जुटा रहा है?
एआई-संचालित मशीनों के फ़ायदे के साथ-साथ उनसे होने वाले नुकसान पर भी चिंता ज़रूरी है.
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शिक्षा एवं स्वास्थ्य

लव को सेक्स समझने वाले लोग ही प्रेम को रोग बताते हैं
सच्चा प्रेम व्यक्ति को धो-पोंछकर साफ़ और इस क़दर मजबूत बना देता है कि रोग उसे छू भी नहीं सकता…
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शिक्षा एवं स्वास्थ्य

एसिडिटी क्या है? एसिडिटी के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में जानिए
एक आम समस्या लगने वाली एसिडिटी धीरे-धीरे रोग का रूप ले लेती है, और कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करती…
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शिक्षा एवं स्वास्थ्य

दिल इतना कमज़ोर क्यों हो गया है..
आज दुनियादारी में हम इतने मसरूफ़ हैं कि हमें पता नहीं कि हमारे दिल के साथ क्या हो रहा है.…
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समसामयिक

आख़िरकार सेंगोल को उसकी जगह मिल गई
अखंड भारत के स्वर्णिम इतिहास के विशिष्ट अंग सेंगोल को 75 सालों बाद ही सही मगर, सम्सम्मान स्थान मिल गया.
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धर्म-कर्म

‘मोरया के बप्पा’ कहिए या ‘बप्पा के मोरया’ भावार्थ एक ही है
भगवान मयूरेश्वर के आशीर्वाद से धराधाम पर आए मोरया स्वयं तो प्रकाशित-परिभाषित हुए ही, एक अनन्य भक्त के रूप में…
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शिक्षा एवं स्वास्थ्य

‘आदि’ और ‘इत्यादि’ के प्रयोग: नियम को लेकर इतना भ्रम क्यों है?
मतभिन्नता के कारण आजकल लोग हर जगह 'आदि' का ही प्रयोग कर रहे हैं.यहां तक कि 'इत्यादि' के बजाय 'आदि…
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