# KHULIZUBAN > झूठ बोलने से बेहतर है सच के साथ दफ़न हो जाना ## Posts - [ख़तरे में देश- कौन है ज़िम्मेदार? क्या आतंकी सोच को 'एक हाथ में कुरान, दूसरे में कंप्यूटर' की नीति दे रही है खाद-पानी?](https://khulizuban.com/national-security-india-is-in-danger-who-is-responsible-quran-in-one-hand-and-laptop-in-other-policy-analysis/): जब अपने ही देश और शहर में लोग असुरक्षित अनुभव करने लगें तो यह ख़तरे का संकेत नहीं, ख़तरनाक हो चुकी स्थिति को दर्शाता है. ऐसे में, यह पूछना ज़रूरी है कि इस के लिए कौन ज़िम्मेदार है- ख़तरनाक सोच या व्यवस्था, या फिर दोनों? - [भारत और रूस की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने PM मोदी को मारने की CIA की साज़िश नाकाम की थी? जानिए ढाका में अमरीकी सैन्य अधिकारी की मौत को लेकर दावे और हक़ीक़त](https://khulizuban.com/international-foreign-affairs-did-indian-russian-intelligence-agencies-foil-cia-plot-to-assassinate-pm-modi-and-news-about-death-of-us-military-officer-in-dhaka-fact-check/): अमरीका की कुख्यात ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए (CIA) की हरक़तों से पूरी दुनिया वाकिफ़ है. किसी देश को अस्थिर करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है. राजनेताओं की हत्या भी करवा सकती है. तो क्या उस ने चीन में पीएम मोदी के लिए भी मौत का जाल बिछा रखा था? इस प्रकरण में, उन की पुतिन से गुप्त-वार्ता, होटल के बजाय कहीं और जाकर ठहरना और ढाका के होटल में अमरीकी सैन्य-अधिकारी की रहस्यमय मौत की सच्चाई क्या है, जानना ज़रूरी है. - [ऑनलाइन प्यार: अगर कोई विदेशी महिला कहे, 'डियर, मैं तुमसे मिलने आ रही हूं', तो सतर्क हो जाइये, यह आपके लिए 'रेड फ्लैग' है](https://khulizuban.com/cyber-crime-fraud-be-cautious-in-online-love-dating-if-some-foreign-girl-friend-says-she-is-coming-to-meet-this-is-red-flag-for-you-explained/): भावुक कर देने वाले गीत 'परदेशियों से न अंखियां मिलाना', के संदेश को लेकर कईयों की राय अलग हो सकती है पर वे दुर्लभ तो होते ही हैं. यदि ऐसे लोग आप से मिलने की जल्दी में हों, तो गड़बड़ी की आशंका बहुत ज़्यादा है. उनका आप के देश और शहर आने का वादा एक बड़ा छलावा हो सकता है, जिसमें आर्थिक नुकसान तय है. - [भगवान विष्णु पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस गवई माफ़ी कब मांगेंगे?](https://khulizuban.com/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a5%81-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%95/): सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस बीआर गवई ने भगवान विष्णु पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर सनातन हिंदू धर्म के अपमान के साथ भारतीय न्यायिक व्यवस्था की गरिमा पर चोट भी पहुंचाई है. इसके लिए उन्हें सार्वजानिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए. इससे उनके प्रति लोगों की नाराज़गी तो कम होगी ही, मुख्य न्यायाधीश के पद और सर्वोच्च अदालत की छवि पर लगा दाग़ भी धुल सकेगा. - [सोशल मीडिया: ऑनलाइन दोस्ती और प्यार की बगिया में ठगों की घुसपैठ, इन्हें पहचानने और बचने के कारगर तरीक़े जानिए](https://khulizuban.com/international-crime-fraud-infiltration-of-scammers-in-online-love-and-friendship-on-social-media-is-big-threat-know-ways-to-identify-and-be-safe-explained/): ठगों ने अब ऑनलाइन दोस्ती और प्यार को हथियार बना लिया है. इसलिए, सतर्क रहने के साथ उन तरीकों को जानना भी ज़रूरी है जिनसे हम ऑनलाइन दोस्त या प्रेमी-प्रेमिका में अंतर कर अपना बचाव कर सकते हैं. इनमें कुछ तरीक़े बहुत कारगर हैं. - [चेहरे का आकार उजागर कर देता है आपके भविष्य का रहस्य](https://khulizuban.com/spiritual-astrology-personality/): भारतीय ज्योतिष विज्ञान की एक प्रमुख शाखा सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार शरीर के अंगों के आकार-प्रकार से मनुष्य के व्यक्तित्व और भविष्य को जाना जा सकता है. इनमें चेहरा बहुत महत्वपूर्ण है, जो कई आकार-प्रकार का होता है. इनका अध्ययन कर बहुत सटीक कथन किया जा सकता है. - [चेहरा बता देता है व्यक्तित्व और भाग्य, जानिए कैसे होते हैं विभिन्न आकार-आकृति के चेहरे वाले लोग](https://khulizuban.com/spiritual-religion-face-shape-tells-all-about-lif/): चेहरा एक खुली किताब जैसा होता है. इसे पढ़कर किसी व्यक्ति की मानसिक और भावनात्मक क्षमता, उसके अन्तर्निहित स्वभाव और उसके भविष्य को आकार देने वाली घटनाओं के बारे में बख़ूबी जाना या बताया जा सकता है. मगर इसके लिए, चेहरा पढ़ने वाले (Face Reader) को चेहरे के आकार और आकृति के विषय में पूरा ज्ञान होना आवश्यक है. - [अंग फड़कना क्या होता है, जानिए इसका शुभ-अशुभ फल](https://khulizuban.com/twitching-of-body-parts-ang-fadakna-in-science-and-astrology-samudrik-shastra-shakun-shastra-anyalysis/): भारतीय परंपरा में अंगों की फड़कन तत्काल या निकट भविष्य में होने वाली घटनाओं का एक पूर्व संकेत है, जो दैवीय शक्तियों या प्रकृति की ओर से हमें प्राप्त हो जाती है. सामुद्रिक शास्त्र में अलग-अलग अंगों के फड़कने का अल-अलग शुभ-अशुभ फल बताया गया है. - [पहेली से कम नहीं है नाक और होंठ के बीच की जगह, जानिए इसके नाम को लेकर गूगल भी भ्रमित क्यों है](https://khulizuban.com/general-knowledge-science-know-why-even-google-is/): नाक और होंठ के बीच की जगह को क्या कहते हैं यह बहुत कम ही लोग जानते हैं. यही नहीं, गूगल भी स्पष्ट नहीं है कि इसका सही नाम क्या है. - [ज़िन्दगी का हर राज़ खोल देता है नाक पर तिल, जानिए क्या कहता है यह महिलाओं के बारे में](https://khulizuban.com/religion-culture-mole-on-nose-of-women-reveals-all-about-their-life-til-in-samudrik-shatra/): बहुत मायने रखता है नाक पर तिल. यह व्यक्क्ति के जीवन का दर्पण होता है. यूं कहिये कि इसका अध्ययन कर किसी के असल स्वभाव और स्वास्थ्य के साथ उसके भूत, वर्तमान और भविष्य को भी जाना जा सकता है. - [रहस्यों से पर्दा उठा देती है नाक, जानिए किस तरह की नाक क्या कहती महिलाओं के बारे में](https://khulizuban.com/know-how-shape-and-size-of-nose-tell-about-our-personality-and-future-samudrik-shastra-analysis/): नाक बहुत बड़ी संकेतक होती है. इसके ज़रिए जीवन के रहस्यों को समझा जा सकता है. यहां तक किसी का भविष्य भी जाना और बताया जा सकता है. - [होंठों पर तिल खोल देता है हर राज़, जानिए यह क्या कहता है महिलाओं के बारे में](https://khulizuban.com/mole-on-lips-meaning-and-importance-in-samudrik-shastra-analysis/): हमारे शरीर के कुछ विशेष अंगों की विशेष बनावट की तरह उन पर तिल का होना भी बहुत मायने रखता है. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार हमारे अंगों पर स्थित तिल बहुत प्रभावकारी होता है, यह हमारे बारे में सब कुछ बताने में सक्षम होता है. - [होंठ बता देते हैं व्यक्तित्व और भाग्य, जानिए किस प्रकार के होंठ क्या कहते हैं पुरुषों के बारे में](https://khulizuban.com/lips-of-men-tell-all-about-their-life-jyotish-samudrik-shastra/): होंठ ज़िन्दगी का आइना होते हैं. इनके ज़रिए किसी व्यक्ति के गुण-दोष अथवा ताक़त और कमज़ोरी के बारे में बहुत आसानी से जाना जा सकता है. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार होंठों का अध्ययन कुंडली पढ़ने जैसा है. - [ज़िन्दगी का हर राज़ खोल देते हैं होंठ, जानिए किस तरह के होंठ क्या कहते हैं महिलाओं के बारे में](https://khulizuban.com/lips-of-women-tell-about-their-personality-and-destiny-says-samudrik-shastra-astrology/): आधुनिक और वैज्ञानिक अध्ययन कहता है कि होंठ दर्पण हैं, जिसमें मनुष्य के स्वास्थ्य और व्यक्तित्व की वास्तविक छवि दिखाई देती है.मगर सामुद्रिक शास्त्र का मानना है कि इसमें हर चीज़ नज़र आती है.यहां तक कि व्यक्ति के भूत, वर्तमान और भविष्य को भी इसके ज़रिए जाना जा सकता है. - [सामुद्रिक शास्त्र: महिलाओं की नाभि पर तिल क्या कहता है जानिए](https://khulizuban.com/moles-on-belly-button-of-women-reveal-their-secrets-of-life-says-samudrik-shastra-nabhi-pe-til-ke-rahasya/): तिल, जिसे सौन्दर्य चिन्ह या ब्यूटी मार्क्स (beauty marks) भी कहा जाता है, व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर डालता है.पुरुषों की तरह महिलाओं की नाभि पर तिल उनके भूत, वर्तमान और भविष्य के बारे में सब कुछ बता देता है. - [महिलाओं का हर राज़ खोल देती है उनकी नाभि, जानिए कौन सी नाभि क्या कहती है उनके बारे में](https://khulizuban.com/belly-button-navel-of-women-tells-all-about-their-nature-and-destiny-according-to-samudrik-shastra/): नाभि सौन्दर्य का एक प्रतीक होने के साथ कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है.यह बहुत ही रहस्यमयी बातें बताती है.कहते हैं कि नाभि महिलाओं का हर राज़ खोल देती है. - [जादू की तरह काम करती है लीच थैरेपी, कई असाध्य और जानलेवा बीमारियों में भी है असरदार](https://khulizuban.com/benefits-of-leech-therapy-jalaukavacharna-of-ayurveda/): लीच थैरेपी के फ़ायदे गिनाना आसान नहीं है.यूं समझ लीजिये कि इसके बारे में हम उतना ही जानते हैं जितना जोंक की ख़ासियत के बारे में जान पाए हैं.सोचिये, ज्ञात लाभ इतने अद्भुत और चकित करने वाले हैं, तो अज्ञात कितने चमत्कारिक होंगें! - [लीच थैरेपी का बढ़ता चलन और संभावनाएं](https://khulizuban.com/leech-therapy-jalaukavacharna-procedure-importance-and-benefits-of-leeches/): लीच थैरेपी एक सुरक्षित, प्रभावी, कम खर्चीली और आसान प्रक्रिया है.यही कारण है कि अनेक गंभीर रोगों और जटिलताओं में इसका चलन बढ़ता जा रहा है.आने वाले समय में यह प्राचीन चिकित्सा प्रक्रिया कई मामलों में आधुनिक चिकित्सा विकल्पों को पीछे छोड़ देगी. - [असली स्तन बनाम नकली स्तन: नकली स्तनों को पहचानने के तरीक़े जानिए](https://khulizuban.com/how-can-we-spot-fake-breasts-know-the-ways-explained/): स्तनों के बारे में सही जानकारी हो, तो ऐसे कई तरीक़े हैं, जिनसे पता लगाया जा सकता है कि वे असली हैं या नकली.इनकी विशेषताएं इनकी असलियत को उजागर करती हैं. - [छाती एवं स्तनों के आकार और आकृति से जानिए महिलाओं का व्यक्तित्व](https://khulizuban.com/know-the-personality-of-women-from-the-size-and-shape-of-breasts/): स्तनों के आकार-प्रकार बहुत कुछ कहते हैं.सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार स्तनों की ख़ासियत महिलाओं के व्यक्तित्व ही नहीं भाग्य भी बताती हैं. - [स्तनों के सामान्य विकास और परिवर्तन के बारे में जानिए](https://khulizuban.com/know-about-development-and-changes-in-breasts-of-women/): स्तनों का विकास कुछ चरणों में होता है, और इनमें परिवर्तन जीवनभर होते रहते हैं.स्तनों का बहुत बड़ा या छोटा होना सामान्य नहीं माना जाता है. - [मुसलमानों के एकमुश्त वोट और हिन्दुओं के वोट में बिखराव ने मोदी-भाजपा के मंसूबों पर पानी फेरा](https://khulizuban.com/lump-sum-vote-of-muslims-and-scattered-votes-of-hindus-ruined-plans-of-modi-bjp/): भाजपा की उम्मीदों पर पानी फेरने वाले अकेले मुसलमान नहीं हैं.इस चुनाव परिणाम में हिन्दुओं की नाराज़गी भी साफ़ दिखाई देती है. - [क्यों अचानक बढ़ने लगते हैं स्तन? ज़्यादा बड़े स्तनों के आकार (ब्रेस्ट साइज़) कम करने और सुडौल बनाने के उपाय जानिए](https://khulizuban.com/what-causes-breast-to-expand-and-makes-heavy-explained/): स्तनों का बढ़ना स्तन विकास की एक सामान्य प्रक्रिया है.परंतु, कुछ अन्य कारणों से भी स्तनों के आकार प्रभावित हो सकते हैं.इनमें अचानक बदलाव देखने को मिलते हैं.इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए. - [क्यों नहीं बढ़ता है कुछ महिलाओं के स्तनों का आकार (ब्रेस्ट साइज़) जानिए](https://khulizuban.com/why-breast-size-of-some-women-does-not-increase-health-problem-explained/): कुछ महिलाओं के स्तनों का क्यों पूरा विकास नहीं हो पाता है, और वे छोटे रह जाते हैं, इस बारे में अधिकांश बातें अस्पष्ट जान पड़ती हैं.कुछ तो भ्रमित भी करती हैं.ऐसे में,समझने के लिए तर्कों को तथ्यों की कसौटी पर कसने की ज़रूरत है. - [स्तनों के आकार (ब्रेस्ट साइज़) बढ़ाने और उन्हें सुडौल बनाये रखने के उपाय जानिए](https://khulizuban.com/home-remedies-to-increase-breast-size-and-keep-it-shapely-explained/): ऐसे कई उपाय हैं जो स्तनों के आकार बढ़ाने, और उन्हें सही आकृति देने व बनाये रखने में बड़े मददगार साबित होते हैं.मगर सही जानकारी के अभाव में लड़कियों-महिलाओं को अक्सर फ़ायदे की जगह नुकसान ही उठाना पड़ता है. - [क्षार सूत्र क्या है? यह कैसे बनता है, और किन-किन बीमारियों में इस्तेमाल होता है जानिए](https://khulizuban.com/what-is-kshar-sutra-how-it-is-made-and-used-in-treatment-for-piles-fissure-and-fistula/): आयुर्वेद में ऐसी सर्जरी है, जो कि औजारों से नहीं बल्कि क्षार सूत्र से होती है.इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत है कि यह औजार न होते हुए भी किसी अंग को काटने, हटाने की उतनी ही क्षमता रखता है जितना कि कोई सर्जिकल औजार.यह ब्लड लेस सर्जरी का बेहतरीन उदाहरण है. - [नेहरू परिवार का इतिहास: पूर्वजों की अपनी ही बनाई कहानी में फंस गए जवाहरलाल नेहरू और उनके दरबारी इतिहासकार-लेखक](https://khulizuban.com/story-of-nehru-family-and-facts-in-the-history/): विवादित नेहरू की छवि को चमकाने के लिए उनके अज्ञात परिवार की ऐसी कहानियां गढ़ी गईं, जिनकी कडियां आपस में नहीं मिलती हैं.जो भी बातें हैं, खोखली और तथ्यहीन नज़र आती हैं. - [भगंदर (Fistula) के इलाज में माहिर है अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), लोकप्रियता में सबसे आगे](https://khulizuban.com/all-india-institute-of-ayurveda-aiia-specializes-in-the-treatment-of-fistula-bhagandar-tops-in-popularity/): भगंदर और बवासीर आदि रोगों में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान को महारत हासिल है.हजारों मरीज़ों का सफल इलाज कर इसने पूरी तरह ठीक किया है, उन्हें नया जीवन दिया है - [विवाह, शादी और मैरिज अलग-अलग शब्द ही नहीं, इनके मायने भी अलग होते हैं](https://khulizuban.com/vivah-shadi-nikah-and-marriage-are-different-in-their-meanings-and-concepts-analysis/): पर्यायवाची के रूप में प्रयोग किये जाने वाले शब्द विवाह, शादी और मैरिज एक दूसरे से कितने भिन्न हैं, यह हिन्दू सनातन धर्म, इस्लाम और ईसाइयत में इनको लेकर वर्णित अवधारणाएं स्पष्ट करती हैं. - [मर्दाना कमज़ोरी और औरतों का बांझपन दूर करता है सत्यानाशी, देता है नया जीवन, इसके अन्य फ़ायदे भी जानिए](https://khulizuban.com/thorny-medicinal-plant-satyanashi-can-remove-sexual-problems-impotency-infertility-in-male-and-female-explained/): सत्यानाशी को आयुर्वेद में गुणों की खान कहा गया है.हर प्रकार की यौन दुर्बलता व अक्षमता दूर करने में कारगर बताया गया है. - [पावर नैप क्या है? जानिए इसे क्यों और कैसे लेना चाहिए](https://khulizuban.com/what-is-power-nap-know-why-and-how-to-take-it-explained/): पावर नैप जेम्स बेरिल मास द्वारा गढ़ा गया शब्द ज़रूर है, लेकिन इसकी अवधारणा बहुत पुरानी है.सभ्यता के आरंभ से ही मानव दरअसल, अपने अंदर के सर्केडियन क्लॉक के संकेतों के ज़रिए इसकी बारीकियों को बख़ूबी जानता-समझता है. - [पर्व और त्यौहार: एक ही समझे जाने वाले एक दूसरे से कितने अलग हैं जानिए](https://khulizuban.com/difference-between-parva-and-festival-of-sanatan-hindu-dharma-analysis/): अधिकांश लोगों को पता ही नहीं है कि पर्व और त्यौहार एक ही हैं, या दोनों में अंतर है, जबकि वैदिक ग्रंथों में इनका स्पष्ट वर्णन मिलता है. - [दीपावली के अवसर पर अलग-अलग जगहों पर अलग देवी-देवताओं की पूजा क्यों होती है? देवी लक्ष्मी के साथ गणेशजी विराजमान क्यों दिखाई देते हैं, जानिए](https://khulizuban.com/why-are-different-gods-and-goddesses-worshipped-at-different-places-on-the-occasion-of-diwali-and-know-also-why-lord-ganesha-is-seen-sitting-with-goddess-lakshmi/): दीपावली का त्यौहार जितना प्राचीन है उतना ही यह विविधताओं से भरा भी है.मगर सबका भाव एक ही है, जो इसके मूल में है.इसी कारण इसे महापर्व या पर्वों का समूह कहा जाता है. - [दिन में सोना सेहत के लिए फ़ायदेमंद है या नुकसानदेह? इस बारे में धार्मिक विचार क्या हैं, जानिए](https://khulizuban.com/daytime-sleeping-is-beneficial-or-harmful-know-views-of-modern-science-ayurveda-and-hindu-religious-text-also/): हम अपनी सेहत की चिंता करते हैं. उचित-अनुचित भी समझते हैं. लेकिन दिन में सोना हमारे लिए फ़ायदेमंद है या नुकसानदेह, इस पर कम ही लोग विचार करते हैं. - [बुढ़ापा दूर भगाने, और अपनी जवानी और ख़ूबसूरती बनाए रखने के उपाय जानिए](https://khulizuban.com/anti-aging-tips-how-to-stay-young-and-have-long-life-budhapa-door-rakhne-ke-upay/): बिना दवा, मेकअप और सर्जरी के हम लंबे समय तक कैसे जवान और ख़ूबसूरत बने रह सकते हैं, यह तरीक़ा जानने और अपने जीवन में उतारने की ज़रूरत है. - [यौन संचारित रोग (STD): सिफलिस को 'फिरंग रोग' क्यों कहते हैं? क्या यह उपदंश से अलग बीमारी है?](https://khulizuban.com/sexually-transmitted-disease-syphilis-and-updansh-not-the-same-scientifically-analysis/): सिफलिस को उपदंश बताने वाले यह भूल जाते हैं कि सैकड़ों साल पहले भारत में इसे फिरंग रोग नाम देकर आयातित बताया गया था. - [नीम का सेवन करें, कभी डॉक्टर और दवा की ज़रूरत नहीं पड़ेगी](https://khulizuban.com/benefits-of-neem-margosa-tree-makes-disease-free-and-keeps-doctors-away/): अपने करिश्माई असर के चलते नीम शरीर का डॉक्टर भी कहलाता है.इसके सेवन के बाद किसी दवा की ज़रूरत नहीं होती है. - [डायबिटीज की महंगी दवाओं के बजाय 10 रुपए का फल खाकर कर सकते हैं शुगर लेवल को कम और नियंत्रित](https://khulizuban.com/medicinal-uses-of-kaitha-fruit-elephant-apple-for-diabetes-and-other-diseases-in-ayurveda/): अनेक पेड़-पौधों के फल, फूल और पत्तियां गुणकारी होती हैं.मगर, एक ऐसा भी फल है, जो डायबिटीज में जादू की तरह असर करता है. - [नेपाली लड़कियों की तस्करी: तस्करों की कामयाबी नहीं, व्यवस्था की नाकामी है](https://khulizuban.com/girls-from-nepal-trafficked-india-and-other-countries-route-and-network-analysis/): हजारों नेपाली लड़कियां-महिलाएं हर साल नौकरी और अच्छी ज़िन्दगी के झांसे में देह व्यापार की दुनिया में धकेल दी जाती हैं. - [भारत में देसी व्यंजन विदेशी नाम पर महंगे बिकते हैं!](https://khulizuban.com/desi-vyanjan-indian-dishes-sold-in-foreign-names-shows-slave-mentality-of-indian-people/): हमारी नई पीढ़ी का मिजाज़ कुछ अलग ही है.इसलिए उन्हें रेसिपी से ज़्यादा व्यंजनों के विदेशी नाम का ध्यान होता है. - [मुस्लिम देशों में महिलाएं: तस्वीर बदलती नज़र नहीं आती?](https://khulizuban.com/women-rights-in-muslim-nations-islamic-world-analysis/): मुस्लिम देशों में महिलाओं की हालत में सुधार लाने के बजाय उनसे जुड़े नियमों में बदलाव का दिखावा हो रहा है. - [कुरान जलाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है या आस्था के प्रतीक का अपमान?](https://khulizuban.com/burning-of-quran-freedom-of-expression-or-insult-to-the-symbol-of-faith-analysis/): कुरान जलाने से किन विचारों की अभिव्यक्ति होती है, यही सबसे बड़ा सवाल है. - [आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: विकास के नाम पर इंसान कहीं अपनी बर्बादी का सामान तो नहीं जुटा रहा है?](https://khulizuban.com/artificial-intelligence-in-human-world-advantages-and-disadvantages-analysis/): एआई-संचालित मशीनों के फ़ायदे के साथ-साथ उनसे होने वाले नुकसान पर भी चिंता ज़रूरी है. - [लव को सेक्स समझने वाले लोग ही प्रेम को रोग बताते हैं](https://khulizuban.com/love-sex-and-lovesickness-disease-of-western-world-different-from-prem-roga/): सच्चा प्रेम व्यक्ति को धो-पोंछकर साफ़ और इस क़दर मजबूत बना देता है कि रोग उसे छू भी नहीं सकता है. - [एसिडिटी क्या है? एसिडिटी के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में जानिए](https://khulizuban.com/acidity-problem-hyper-acidity-treatment-in-ayurveda-amla-pitta-gharelu-nuskhe/): एक आम समस्या लगने वाली एसिडिटी धीरे-धीरे रोग का रूप ले लेती है, और कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करती है. - [दिल इतना कमज़ोर क्यों हो गया है..](https://khulizuban.com/heart-disease-cvd-hriday-rog-in-ayurveda/): आज दुनियादारी में हम इतने मसरूफ़ हैं कि हमें पता नहीं कि हमारे दिल के साथ क्या हो रहा है. कौन इस के साथ किस तरह से खेल रहा है. यही कारण है यह बहुत कमज़ोर हो गया है, और जल्द बीमार होकर डॉक्टरों की दुकानों, लैब और दवाइयों के बाज़ार के बीच फुटबॉल बना दिखाई देता है. - [आख़िरकार सेंगोल को उसकी जगह मिल गई](https://khulizuban.com/sengol-of-india-history-and-tradition-pm-modi-placed-in-new-parliament-building/): अखंड भारत के स्वर्णिम इतिहास के विशिष्ट अंग सेंगोल को 75 सालों बाद ही सही मगर, सम्सम्मान स्थान मिल गया. - ['मोरया के बप्पा' कहिए या 'बप्पा के मोरया' भावार्थ एक ही है](https://khulizuban.com/ganpati-bappa-morya-and-mangalmurti-morya-associated-with-ganesh-bhakt-morya-gosavi/): भगवान मयूरेश्वर के आशीर्वाद से धराधाम पर आए मोरया स्वयं तो प्रकाशित-परिभाषित हुए ही, एक अनन्य भक्त के रूप में दूसरों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए. - ['आदि' और 'इत्यादि' के प्रयोग: नियम को लेकर इतना भ्रम क्यों है?](https://khulizuban.com/aadi-aur-ityadi-ke-prayog-antar-hindi-grammar/): मतभिन्नता के कारण आजकल लोग हर जगह 'आदि' का ही प्रयोग कर रहे हैं.यहां तक कि 'इत्यादि' के बजाय 'आदि आदि' प्रयुक्त हो रहा है. - [गाड़ियों की नंबर प्लेट: अलग-अलग आकार और रंग-रूप के मायने क्या हैं जानिए](https://khulizuban.com/number-plates-of-vehicles-different-in-size-parts-with-registration-number-format-and-color-of-licence-plates/): पंजीकृत वाहनों का पहला प्रमाण हैं उनकी नंबर प्लेट, जो चुटकियों में उनकी सारी डिटेल बता देती हैं. - [विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति: ग़ुलाम मानसिकता का ग़ुलामी की राह में बढ़ा क़दम](https://khulizuban.com/foreign-universities-threat-to-indian-education-system-and-the-nation-know-how-analysis/): नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला विश्वविद्यालय बनाने के लिए ग्रीक दार्शनिक नहीं आए थे, उनमें आचार्य हमारे भारत के ही थे.पढ़ने के लिए लोग बाहर से आते थे. - [शहरी कुत्ते क्यों हो रहे हैं बीमार और ख़तरनाक़?](https://khulizuban.com/know-why-pet-dogs-in-cities-are-becoming-sick-and-dangerous-and-how-to-care-tips/): कई शोधकर्ता, पशु जीवन के जानकार और चिकित्सकों की राय में शहरों में पालतू कुत्ते कई समस्याओं से घिरे हैं.वे शारीरिक ही नहीं मानसिक रूप से भी बीमार हो रहे हैं. - [क्यों बुला रहे हैं दूसरों को कई देश अपने यहां रहने के लिए? जानिए उन जगहों के बारे में जहां मिल रहे हैं लाखों रुपए, मुफ़्त में घर, गाड़ी और बंगला](https://khulizuban.com/why-are-some-countries-inviting-people-to-settle-on-their-own-land-paying-money-to-live-and-do-business/): कम आबादी वाले देश अपनी आबादी बढ़ाने और प्रगति को बनाए रखने या बढ़ाने के लिए दूसरों को अवसर दे रहे हैं. - [बंद करिए सैनिकों को शहीद और मार्टर कहना, ये शब्द इनके लिए ठीक नहीं](https://khulizuban.com/stop-calling-soldiers-shaheed-and-martyrs-these-words-are-not-right-for-them/): हमारे सैनिक पंथनिरपेक्ष तो हैं ही, राजनीति से भी इनका कोई लेना-देना नहीं है.लेकिन, इनके लिए हम ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं, जो ठीक इसके विपरीत अर्थ रखते हैं, और उचित भी नहीं हैं. - [अजब-ग़ज़ब: दुनिया का सबसे छोटा देश- वेटिकन सिटी या सीलैंड?](https://khulizuban.com/know-which-is-the-smallest-country-in-the-world-vetican-sealand-comparative-analysis/): सीलैंड वेटिकन सिटी जैसा ज़मीन पर स्थित न होकर समंदर की लहरों पर तैरता हुआ देश ज़रूर है, मगर यह आबादी के ख़याल से वेटिकन से काफ़ी छोटा है. साथ ही, एक राष्ट्र के रूप में आवश्यक व्यवस्था और उपलब्धि के दावे भी करता है. - [भारत के आदिवासी: प्रकृति-पूजक कहिए या हिन्दू, मतलब एक ही है](https://khulizuban.com/religion-of-indian-tribes-adiwasi-sanatan-dharma-vaidik-and-hindu-dharma/): जब ब्रिटिश हुकूमत को विभिन्न मत और आस्था रखने वालों के तुलनात्मक अध्ययन के लिए जनगणना की ज़रूरत पड़ी तो जाने-अनजाने में भारतीय धर्म के मानने वालों के लिए सनातनी की जगह हिन्दू लिख दिया.यही आज़ादी के बाद भी हुआ.भारतीय संविधान में सनातनी समाज के ग्रामीण और शहरी लोगों के साथ-साथ वनवासी या आदिवासियों को भी हिन्दू कहा गया. हालांकि कुछ ऐसे कानून हैं, जो हिन्दुओं के लिए तो हैं पर, वे आदिवासियों पर लागू नहीं होते, जैसे हिन्दू विवाह अधिनियम 1955, हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 और हिन्दू दत्तकता और भरण-पोषण अधिनियम 1956 की धारा 2 (2) और हिन्दू वयस्कता … - [भारत के आदिवासियों को सनातन हिन्दू धर्म से काटने का कुचक्र](https://khulizuban.com/conspiracy-to-cut-the-tribals-of-india-from-sanatan-hindu-religion/): आदिवासियों के रीतिरिवाज ही इनके प्रमुख धर्मशास्त्र हैं.आर्य परंपरा का पालन करते हुए आज भी ये एक गोत्र में विवाह नहीं करते, और जो करता है, उसे समाज से निकाल दिया जाता है. - [पर्यावरण को बचायेंगें तभी हम भी बचेंगें](https://khulizuban.com/environmental-issues-soil-water-and-air-pollution-analysis/): लाशों पर मातम मनाने और नुकसान की भरपाई के गणित में ही सारी उर्जा खपा रहे हैं मगर, एक छोटी सी बात समझने की कोशिश नहीं कर रहे हैं कि पर्यावरण को बचायेंगें तभी हम भी बचेंगें. - [अस्त्र-शस्त्र: दो अलग शब्द ही नहीं, इनमें अंतर भी है](https://khulizuban.com/sanatan-hindu-dharma-ancient-indian-arms-astra-shastra-difference-and-significance/): आमतौर पर पर्यायवाची के रूप में समझे जाने वाले अस्त्र और शस्त्र शब्द अस्त्र-शस्त्र को लेकर भ्रम पैदा करते हैं, और साथ ही अधिकांश लोगों को लगता है कि यह एक ही शब्द है.लेकिन वास्तव में, ऐसा नहीं है. - [हिन्दू देवी-देवताओं के हाथों में क्यों हैं अस्त्र-शस्त्र?](https://khulizuban.com/why-are-the-weapons-astra-shastra-in-the-hands-of-gods-and-goddesses-of-hindus/): सनातन हिन्दू व्यवस्था में कहीं भी ऐसा उदाहरण नहीं मिलता है जहां शस्त्रों का अनुचित प्रयोग कर समाज में अशांति और भय का वातावरण उत्पन्न किया गया हो.शस्त्र के प्रयोग का उद्देश्य सदैव शांति स्थापित करना रहा है. - [गांधीवादी-वामपंथी सोच ने भूमकाल विद्रोह के नायक गुंडाधुर को गुमनामी में धकेला!](https://khulizuban.com/gandhian-leftist-thought-pushed-gundadhur-the-hero-of-bhumkal-rebellion-freedom-movement-into-oblivion/): गांधीवादी-वामपंथी सोच ने कई महान स्वतंत्रता सेनानियों के चरित्र को परदे के पीछे धकेल दिया, जबकि जो लोग जेल में मज़े में बैठकर किताबें लिखते थे, महिलाओं-लड़कियों संग नंगे नहाते-सोते हुए कथित ब्रह्मचर्य का प्रयोग करते थे, उन्हें हीरो बताया गया और उनकी शान में क़सीदे लिखे-पढ़े गए. - ['गुंडा' शब्द का अर्थ क्या है, और यह कहां से आया? जानिए इसके प्रचलन की शुरुआत, जिसने गुंडा एक्ट को जन्म दिया](https://khulizuban.com/gunda-word-file-of-british-gundadhur-hero-of-bhumkal-vidroh-and-gunda-act/): भाषा कुछ शब्द स्वयं बनाती है, तो कुछ शब्द अन्य भाषाओं से ग्रहण करती है.हिंदी में भी ऐसा ही है.1910 से पहले इसमें लुच्चा या बदमाश के अर्थ में गुंडा शब्द का प्रचलन नहीं था.सूरदास, तुलसी, जायसी, बिहारी, मतिराम, चिंतामणि और आधुनिक काल में भारतेंदु ने भी गुंडा शब्द का प्रयोग नहीं किया.यहां तक कि 1930 के दशक में लिखी गई जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘गुंडा’ में भी खलनायक का भाव नहीं है. भाषा का इतिहास खंगालें तो पता चलता है कि 20 वीं सदी से पहले दुनिया में किसी ने भी लफंगा या बदमाश के मायने में गुंडा शब्द … - [सीबीआई में अपने ही लोग बेगाने क्यों हैं?](https://khulizuban.com/discrimination-and-injustice-within-cbi-dopt-and-government-of-india/): भारत से पाकिस्तान गए मुसलमान जिस तरह वहां मुहाजिर हैं उसी तरह सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर आकर मर्ज हुए राज्य पुलिस के कर्मचारी पराये हैं, और भेदभाव के शिकार हैं. - [स्वास्थ्य के लिए वरदान से कम नहीं पनीर फूल, डायबिटीज, अस्थमा और कैंसर में भी होता है इस्तेमाल](https://khulizuban.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87/): ऋष्यगंधा यानि, पनीर फूल या पनीर डोडा प्रकृति से वनस्पति के रूप में प्राप्त एक वरदान से कम नहीं है.आयुर्वेद में हजारों साल से इसका उपयोग हो रहा है, और यह अनेक रोगों का शमन करने तथा मानव शरीर को निरोगी बनाए रखने में पूर्ण समर्थ माना जाता है.     पनीर का फूल   कई फल-फूल ऐसे होते हैं, जो न सिर्फ़ प्रकृति को खूबसूरत और आकर्षक बनाते हैं, बल्कि सेहत और त्वचा के लिए भी लाभकारी होते हैं.इन्हीं में से एक गुणकारी फूल को हम पनीर फूल या पनीर बूटी के नाम से जानते हैं.यह ऐसा प्रभावकारी फूल … - [दरके हुए पहाड़ों के मलबे पर बसे जोशीमठ को बचाना मुश्किल है!](https://khulizuban.com/%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%8f-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%ac%e0%a5%87-%e0%a4%aa/): इसे नर और नारायण पर्वत के आपस में मिलने की भविष्यवाणी कहिए या विशेषज्ञों की दशकों पुरानी आशंका, इनके सच होने का समय क़रीब दिखाई दे रहा है.ऐसे में जोशीमठ में एक हज़ार साल पहले आई बड़ी प्राकृतिक आपदा की पुनरावृत्ति होगी.     जोशीमठ में भूधसान, सड़कों और घरों में दरारें उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाइवे (एनएच-7) बसे पहाड़ी शहर जोशीमठ के लोग दहशत में हैं.क्योंकि कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा है इसलिए वे अपना घर-बार छोड़ने को मजबूर हैं, जबकि वे यहां कई पीढ़ियों से रहते आए हैं.   इन्होंने अपने जीवन भर की … - [पाणिनि की अष्टाध्यायी पर शोध: कैम्ब्रिज युनिवर्सिटी और उसके छात्र रिषी राजपोपट ने व्याकरण जगत की 'सबसे बड़ी गुत्थी' सुलझाने का दावा कर अपनी ही फ़ज़ीहत कराई](https://khulizuban.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/): मेले में दूर तक देखने वाला बच्चा भूल जाता है कि वह बाप के कंधे पर बैठा है. इसी प्रकार, रिषी राजपोपट ने परंपराओं को तो नाकारा ही, पाश्चात्य जगत में भी संस्कृत पर हुए कार्य को नीचे धकेलते हुए वे ‘यूरेका-यूरेका’ चिल्ला पड़े. नतीजतन, जो प्रतिक्रियाएं आईं, वह सामने है. यह ‘जोश में होश खो बैठने’ जैसी स्थिति बताई गई. मगर उनसे ज़्यादा भद्द तो कैम्ब्रिज युनिवर्सिटी की पिटी है. दुनियाभर में आलोचनाओं के साथ ही जब ऑक्सफ़ोर्ड युनिवर्सिटी के विद्वानों ने भी कथित उपलब्धि की ख़बर को ‘फ़ेक न्यूज़’ बताया, तो न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसे नहीं छापने का … - [कीड़ा जड़ी: पहाड़ों की धरोहर लैब में उगाई जा रही है!](https://khulizuban.com/%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8b/): किडनी की कोई समस्या हो या कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी, इसमें कीड़ा जड़ी बड़ी लाभकारी है.कमज़ोर सेक्स पावर वाले लोग तो इस बूटी को खाकर वियाग्रा को भूल जाते हैं.यही कारण है कि देश और विदेशों में इसकी भारी मांग है.इसकी मुंहमांगी क़ीमत मिलती है.मगर, प्राचीन काल से ही आयुर्वेदिक औषधि के रूप में उपयोग में आने वाली यह हिमालयी अनमोल जड़ी बूटी अब ख़त्म होने के कगार पर है.     कीड़ा जड़ी वर्तमान में ही जो खोए रहते हैं और भविष्य की चिंता नहीं करते, वे मुश्किलों में पड़ते ही हैं.भारत की भी यही स्थिति है.हम प्रकृति के … - [दुनिया की सबसे महंगी दवा: क़ीमत दवा की या शोध और सपनों पर हुए ख़र्च की?](https://khulizuban.com/%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%95/): दुनिया की अब तक की सबसे महंगी दवा बाज़ार में बिकने को तैयार है.इसकी एक ख़ुराक की क़ीमत है 29 करोड़ रुपए.हालांकि यह ख़रीदने और बेचने वालों के बीच का मसला है फिर भी, यह सवाल तो उठता ही है कि लोगों के होश उड़ा देने वाली यह क़ीमत दवा बनाने में आई लागत के आधार पर तय की गई है या फिर इसके शोध पर हुए पैसों और दिलोदिमाग़ के ख़र्च के आधार पर.आख़िर, लोगों के अपने सपने भी तो होते हैं.मगर, दुनिया के कुछ धनकुबरों को छोड़कर, बाक़ियों के लिए तो ऐसा लगता है कि उनसे जान के … - [यज़ीदी: पश्चिम एशिया में हिन्दुओं का एक 'खोया हुआ पंथ'](https://khulizuban.com/%e0%a4%af%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9/): यज़ीदी न तो मुसलमान हैं, न ईसाई हैं और न ही वे पारसी हैं.यज़ीदी केवल और केवल सनातन हिन्दू हैं, जो हज़ारों साल पहले पश्चिम एशिया में जाकर बस गए थे.और दूसरे मतों का उन पर जो थोड़ा बहुत प्रभाव दिखाई देता है वह, लंबे समय और बदलती परिस्थितियों का परिणाम है.इसे दूसरे पंथ के लोगों से निकटता और उनके प्रति सम्मान के रूप में समझा जा सकता है.     यज़ीदी धर्म के रूप (प्रतीकात्मक)   हम सभी जानते हैं कि कुछेक बातें किसी वस्तु या व्यक्ति के सम्पूर्ण चरित्र को परिभाषित नहीं करतीं.समग्र में जिस चीज़ की अधिकता … - [पैग़म्बर मोहम्मद के वंशजों को शरण देकर राजा दाहिर ने सनातन परंपरा निभाई?](https://khulizuban.com/%e0%a4%aa%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a4%9c/): आज भी बहुत कम ही लोग यह जानते हैं कि पैग़म्बर मोहम्मद के ख़ानदान के लोगों को संकट के समय भारत ने शरण दी थी. हर तरह से उनका ख़याल रखा और उनकी रक्षा करते हुए हज़ारों हिन्दुओं ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी. ख़ुद राजा दाहिर अरबों की सेना से लड़ते हुए मारे गए थे, और सिन्धु साम्राज्य तबाह हो गया था.     राजा दाहिर सिंह और मोहम्मद बिन क़ासिम के बीच अरोर की जंग (फ़ोटो-सोशल मीडिया) हिन्दुओं की क्या कहें, अधिकांश मुसलमानों को भी यह मालूम नहीं है कि इमाम हुसैन की रक्षा करने भारत … - [मीना बाज़ार: ग़ुलाम औरतों की मंडी कहिए या हरम का दरवाज़ा](https://khulizuban.com/%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%94%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82/): अटल बिहारी द्वारा रचित कविता ‘रग-रग मेरा हिन्दू परिचय’ में अकबर के पुत्रों से पूछा गया है कि उन्हें ‘मीना बाज़ार’ याद है या फिर भूल गए. ज्ञात है कि भारत में एक वक़्त ऐसा भी था जब राजपूत बहू-बेटियों के सामने जौहर ही एकमात्र विकल्प होता था. वे जौहर करती थीं यानी जीवित धधकते अग्निकुंड में कूद पड़ती थीं, ताकि मुस्लिम आक्रांताओं के हत्थे चढ़कर ‘बाज़ार का माल’ न बन सकें.     औरतों की मंडी और हरम (प्रतीकात्मक) मध्यकालीन भारत का इतिहास खंगालें तो पता चलता है कि मुस्लिम आक्रान्ता हमलों में बेशकीमती चीज़ों के साथ-साथ औरतों और … - ['रग रग हिन्दू मेरा परिचय' की रचना अटलजी ने किशोरावस्था में ही कर डाली थी!](https://khulizuban.com/%e0%a4%b0%e0%a4%97-%e0%a4%b0%e0%a4%97-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9a%e0%a4%af-%e0%a4%95/): भारत में अब तक कई प्रधानमंत्री हुए.सब की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं.अपना एक खास परिचय है.मगर, एक ऐसा व्यक्ति भी सत्ता के शिखर पर घंटी बजाता है, प्रधानमंत्री पद पर आसीन हुआ, जो बचपन से ही शब्दों को पिरोने-सजाने की अद्भुत कला में मौजूद था.उसका विशाल और शक्तिशाली कवि ह्रदय नीरस और बेरंग राजनीति में भी रस और रंग भर देता था।     वह व्यक्ति अटल बिहारी ब्लॉग.बहुमुखी प्रतिभा का धनी.कला और राजनीति का संगम था। एक शिक्षक और सिद्धहस्त कवि-पुत्र अटल को काव्य-रचना के गुण विरासत में मिले थे। अटल जी ने दसवीं की शिक्षा के दौरान ही एक … - [मुग़लों का काला सच: मां, बहन और बेटियों से भी बनाते थे संबंध](https://khulizuban.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%a8/): दुनिया का इतिहास शौक़ और अय्याशी से भरा पड़ा है.लेकिन, जो अय्याशी मुग़लों ने की, उसकी मिसाल कहीं और देखने को नहीं मिलती.ख़ासतौर से, औरतों में तो जैसे वे डूबे रहते थे.इसे शबाब का शौक़ कहें या सेक्स की लत, इन्होंने अपनी मां, बहन और बेटियों को भी नहीं छोड़ा.उन्हें भी अपनी हवस का शिकार बनाया.     मुग़लों की अय्याशी (प्रतीकात्मक) मुग़ल झूठ-फ़रेब, मक्कारी, लूट, हत्या, अपने सगे बाप और भाइयों के क़त्ल और अय्याशी के लिए तो जाने ही जाते हैं, अपनी मां, बहन और बेटियों के शोषण को लेकर भी अपने ज़माने में काफ़ी बदनाम थे.मगर, चूंकि … - [ईरान में बाप गोद ली हुई बेटी से शादी कर सकता है! इस बारे में इस्लाम क्या कहता है, जानिए](https://khulizuban.com/%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%a6-%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%88-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80/): इस्लामी रवायत के मुताबिक़, गोद लिए हुए बेटे के सामने मां को और बेटी को बाप के सामने पर्दा या हिजाब करना ज़रूरी है.यानि, गोद ली हुई औलाद ग़ैर-महरम है, और उसके साथ शादी और यौन संबंध या सेक्स हो सकता है.     ईरान में गोद ली हुई बेटी और बाप की स्थिति (सांकेतिक) इस्लाम की धरती कहा जाने वाला अरब एक वहाबी देश है.मगर, दुनियाभर में कट्टरता के मामले में तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान के बाद ईरान का ही स्थान आता है.औरतों के खिलाफ़ यहां तमाम सख्त़ी और बंदिशों के अलावा एक ऐसा अज़ीबोगरीब कानून भी लागू है, जो … - [समन और वारंट क्या हैं और इनमें फ़र्क क्या है, जानिए](https://khulizuban.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%a8/): अदालती कार्यवाही में समन और वारंट हमेशा चर्चा का विषय होते हैं.दरअसल, ये दोनों ही कोर्ट की ज़रूरी प्रक्रियाएं हैं, जिनका परिस्स्थितियों के अनुसार प्रयोग किया जाता है. समन के मामले में समन और वारंट के मामले में वारंट जारी होते हैं. मगर यह अदालत के विवेक पर निर्भर करता है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वह समन के बदले वारंट और वारंट के बदले समन जारी कर सकती है.     अदालत और समन और वारंट (सांकेतिक) किसी केस की सुनवाई में प्रतिवादी की उपस्थिति आवश्यक है, ताकि उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की पूरी जानकारी हो … - [कंप्लेंट केस क्या है और यह पुलिस केस से कैसे अलग है, जानिए](https://khulizuban.com/%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a4%b9/): किसी आपराधिक घटना में पुलिस की मदद न मिलने की स्थिति में हर व्यक्ति को अदालत जाने का अधिकार प्राप्त है.वहां पीड़ित व्यक्ति या वादी को पूरी घटना का उल्लेख करते हुए प्रतिवादी को तलब कर अपराध के लिए दंडित करने की प्रार्थना सहित मजिस्ट्रेट के सामने एक पेटिशन या परिवाद पत्र दाख़िल करना होता है.इसे कंप्लेंट केस कहते हैं, जिसमें एक एफिडेविट यानि शपथ पत्र भी शामिल होता है जो यह दर्शाता है कि आरोप सही हैं.     कंप्लेंट केस और अदालत (प्रतीकात्मक) हमारा संविधान कहता है कि किसी व्यक्ति के साथ कोई आपराधिक घटना घटित होने की … - [कुत्ता और इंसान: मायने बदल गए हैं](https://khulizuban.com/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2/): शहर हो या गांव, आज के आधुनिक कहे जाने वाले समाज में कुत्ते इंसानों से बेहतर स्थिति में दिखाई देते हैं. एक तरफ़ तो इंसानों की इंसानों से दूरियां बढ़ती जा रही हैं वहीं, कुत्तों से प्रेम उफ़ान पर है. गाड़ियों और मोबाइल फ़ोन के बाद महंगे कुत्ते मॉडर्न सोसायटी के स्टेटस सिंबल बन गए हैं.     कुत्ता और इंसान (प्रतीकात्मक) आजकल कुत्तों की मौज है. ये ख़ूब खाते-पीते हैं, और बड़े ठाट-बाट से रहते हैं. हर चीज़ इनकी पसंद की होती है. मौसम के हिसाब से होती है. इनकी ज़िन्दगी खुशियों से भरी है, और रंगीन भी है. … - ['सुपर पावर' के अंधविश्वास के बारे में जानिए, व्ह्वाईट हाउस भी है भूतों के शिकंजे में!](https://khulizuban.com/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8/): पश्चिमी या विकसित देशों की नज़र में आज भी भारत जादू-टोने का देश है. यहां के लोग अंधविश्वासी हैं, और इनमें आधुनिक सोच का अभाव है. मगर देखें, तो दुनिया को तराजू में तौलने वाले ऐसे कथित अग्रणी देश के लोगों में जितना अंधविश्वास कूट-कूटकर भरा है, उतना भारत तो क्या, शायद दुनिया के किसी और हिस्से में भी देखने को नहीं मिलेगा. उन्हीं में है सुपर पावर यानी अमरीका, जहां सबसे ज़्यादा ओझा गुनी पाए जाते हैं. ये लोगों को कथित प्रेतात्माओं से मुक्ति व शांति दिलाते हैं. झाड़-फूंक ही उनका पेशा है.     तांत्रिकों का शहर और … - [मिल सकती है इंटरव्यू में सफलता व मनचाही नौकरी, करें ये उपाय](https://khulizuban.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8/): सफलता के लिए मेहनत ज़रूरी है क्योंकि बैठे बिठाए कुछ भी नहीं मिलता.मगर, कई बार ऐसा भी होता है कि काफ़ी मेहनत-मशक्कत के बाद भी इंटरव्यू में सफलता या मनचाही नौकरी हासिल नहीं हो पाती है.ऐसे में, आवश्यक यह है कि हम अपनी तैयारियों की समीक्षा करें, और कुछ ऐसे उपायों पर भी गौर करें, जो हमारे पाठ्यक्रम में तो शामिल नहीं हैं मगर, मानव जीवन में बड़ा महत्त्व रखते हैं.     ज्योतिष ज्ञान-विज्ञान से संबंधित चित्र (प्रतीकात्मक) ज्योतिष विद्या सबसे प्राचीन विज्ञान है और इसमें ग्रह-नक्षत्रों की दशा-दिशा के अध्ययन-गणना द्वारा मानव जीवन के विविध पहलू समझे व … - [वक्फ़ एक्ट: मुसलमानों का मज़हबी अधिकार या भारत के इस्लामीकरण का हथियार?](https://khulizuban.com/question-on-waqf-act-is-this-religious-right-of-muslims-or-a-constitutional-weapon-for-the-islamization-of-india-analysis/): वक्फ़ एक्ट को लेकर जब भी चर्चा होती है तो कहा जाता है कि यह किसी भी तरह से ठीक नहीं है. यह भारत के संविधान की मूल भावना के खिलाफ़ तो है ही, सेक्युलर ढ़ांचे को भी तहस-नहस करने वाला है. जानकारों के अनुसार कानून के रूप में यह ज़मीन आधारित वह व्यवस्था है, जो हिन्दू बहुल देश में एक गहरी साज़िश के तहत थोपी गई है. इसके ज़रिए भारत को इस्लामीकरण की ओर धकेला जा रहा है.     वक्फ़ एक्ट और भारत का इस्लामीकरण (सांकेतिक)     तर्क यह भी दिया जाता है कि भारत जैसे सेक्युलर … - [Rh Factor मायने रखता है बच्चे की सेहत के लिए?](https://khulizuban.com/rh-factor-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87/): – जीवनसाथी के आरएच फैक्टर पर ध्यान दिया जाना ज़रूरी   – आरएच फैक्टर एक तरह का प्रोटीन है, जो रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है   – आरएच फैक्टर आनुवंशिक यानि ख़ानदानी होता है, जो माता-पिता से मिलता है   – संभावित मां यानि फ़ीमेल पार्टनर के शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी शिशु के रेड ब्लड सेल्स पर हमला कर उसके लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है   लाइफ पार्टनर बनाने से पहले लोग कई चीज़ों पर गौर करते हैं.लाभ-हानि की गणना के साथ-साथ गुण-दोषों की भी विवेचना होती है, ताकि भविष्य में कोई समस्या न पैदा हो, … - [दवा के रूप में भी काम आ सकती है दारू, इसके इस्तेमाल से मुंहासे और जुएं करें ख़त्म](https://khulizuban.com/%e0%a4%a6%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%86-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a5%80/): यूं तो एल्कोहल यानि शराब बहुत बदनाम है, और इससे दूर रहने की सलाह दी जाती है.मगर, कम ही लोग यह जानते हैं कि पीने के अलावा एल्कोहल के कई अन्य उपयोग भी हैं.इसको मिलाकर कई ऐसी चीज़ें तैयार की जाती हैं, जो हमारी सेहत के लिए उपयोगी मानी जाती हैं, और कई बीमारियों के इलाज में काम आती हैं.इसके इस्तेमाल से कील-मुंहासे ठीक हो जाते हैं, और बालों से जुएं ख़त्म हो जाती हैं.     कील-मुंहासों और जुओं की समस्या में एल्कोहल का प्रयोग जो दारू या शराब कई लोग नशे के लिए इस्तेमाल करते हैं दरअसल, वह … - [जानिए कान की सफ़ाई का तरीक़ा, आसानी से निकल जाता है मैल](https://khulizuban.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95/): मन का मैल आसानी से नहीं धुलता लेकिन, कान के मैल के साथ ऐसी बात नहीं है.यह जल्द और बड़ी आसानी से निकल जाता है, अगर सही तरीक़ा अपनाया जाए.ऐसे ही कुछ तरीक़े हैं, जिन्हें इस्तेमाल कर हम घर पर ही ख़ुद अपने कान की सफ़ाई कर सकते हैं.     कान का मैल और उसकी सफ़ाई (सांकेतिक) वैसे कान का मैल या ईयर वैक्स कोई अवांछित या बेकार चीज़ भी नहीं है, जिसकी नियमित सफ़ाई की आवश्यकता हो.दरअसल, यह हमारे की कान की ग्रंथियों द्वारा उत्पन्न ऐसा पदार्थ है, जो हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र के रूप में ही … - [नुकसानदेह है ईयरबड का इस्तेमाल, यह आपको बहरा बना सकता है](https://khulizuban.com/%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b9-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%88%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d/): दुनियाभर में आज ईयरबड का इस्तेमाल हो रहा है.जाने-अनजाने में लोग इसे अपनी आदत में शुमार कर रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कान की कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं.यह कान के परदे को क्षतिग्रस्त कर हमें बहरा भी बना सकता है.     कान की तस्वीर (सांकेतिक) ईयरबड आजकल बहुत मशहूर है.शायद ही कोई ऐसा हो, जो इसके बारे में नहीं जानता.दरअसल, पश्चिमी तौर-तरीक़ों की नक़ल करने व आधुनिकता की दौड़ में आगे रहने वाले भारतीय वैश्विक बाज़ार के भ्रामक प्रचार के शिकार हैं और बाक़ी दुनिया की तरह यहां भी लोग … - [अंगदान से बड़ा कोई दान नहीं, यह कर डालिए](https://khulizuban.com/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80/): अंगदान से बड़ा कोई पुन्य का काम नहीं होता.इसकी परंपरा सतयुग से ही चली आ रही है.अंगदान से किसी के जीवन की रक्षा होती है, या उसे नया जीवन मिलता है, जो हमारी मुक्ति में भी सहायक होता है.साथ ही, कोई हमारे अंगों का उपयोग करता है, तो किसी न किसी रूप में हम जीवित ही रहते हैं.     अंगदान से जुड़े चित्र (सांकेतिक) दान का मतलब होता है ‘देना’ या देने की क्रिया.इसके कई रूप हैं जैसे अर्थ (धन) दान, धर्म दान, विद्या दान, कन्या दान, अभय दान, क्षमा दान, अंग दान और देह दान आदि.इस सब में … - [डॉक्टर ख़ुद ही भगवान बन बैठे, या बनाए गए?](https://khulizuban.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a4%bc%e0%a5%81%e0%a4%a6-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%88/):  प्राचीन काल से ही लोगों का इलाज करते और नई ज़िन्दगी देते आए हमारे वैद्य या चिकित्साशास्त्री जो हासिल नहीं कर पाए वह ख़िताब, गले में क्रूस टांगे और हाथों में अंग्रेजी गोलियां व इंजेक्शन लिए बाहर से आए लोगों ने अपने नाम कर लिया.हमारे आयुर्वेदाचार्य जहां आयुर्विज्ञान के भक्त और जनता के सेवक ही बने रह गए वहीं, डॉक्टर भगवान बन गए.मगर, क्या वे ख़ुद ही भगवान बन बैठे, या उनकी ताज़पोशी के लिए कोई विशेष रणनीति अपनाई गई थी?   ईसाइयत और एलोपैथी का घालमेल (सांकेतिक) सवाल तो यह भी बनता है कि डॉक्टर ख़ुदा क्यों नहीं बने, … - [वास्तु सलाह: घर में रखी कुछ चीज़ें कर सकती हैं कंगाल और बर्बाद, तुरंत करें बाहर](https://khulizuban.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%81-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%98%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b/): – वास्तुशास्त्र के अनुसार, निर्जीव वस्तुओं में भी अपनी एक उर्जा होती है   – ताजमहल की तस्वीर या उसकी प्रतिमा एक क़ब्र को दर्शाती है, जिसे मुग़ल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेग़म मुमताज़ की याद में बनवाया था   – कबाड़ कर देता है ज़िन्दगी का कबाड़ा   – कांटेदार पौधे-वृक्ष जीवन के मार्ग में कांटे बो देते हैं   घर, दीवारों और छत को मिलाकर रहने के लिए बनी केवल एक जगह नहीं, बल्कि वह स्थान होता है जहां हमें एक ख़ास वातावरण मिलता है, जो हमारे जीवन में बहुत मायने रखता है.और यह वातावरण भी कई चीज़ों से प्रभावित … - [वर्जिनिटी टेस्ट: कहीं और हो तो अनैतिक, चर्च कराए और प्रमाणपत्र बांटे तो जायज़?](https://khulizuban.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b9/): महिला अधिकारों और न्याय को लेकर बवाल मचाने वाली फेमिनिस्टों यानि नारीवादियों के मुंह पर ताला लग जाता है जब मामला मिशनरियों और चर्च से जुड़ा हो.और मीडिया की तो बात ही निराली है.भारत ही नहीं विदेशों में भी, टुच्ची बातों के भी बाल की ख़ाल निकालने और हल्ला मचाने वाली पत्रकारिता अमानवीयता और कुकृत्यों को लेकर चर्च की दहलीज़ तक पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ देती है.ऐसे में यह प्रश्न अनुत्तरित रह जाता है कि वर्जिनिटी टेस्ट, जो ग़लत और अनैतिक माना जाता है और जिस पर डब्ल्यूएचओ रोक लगाने की बात करता है, वह चर्च में प्रचलन में क्यों है.अगर … - [बाज़ार में उपलब्ध अधिकांश 'चांदी का वरक़' न तो सेहत के लिए मुफ़ीद है, न भगवान को चढ़ाने लायक](https://khulizuban.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82/): फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया द्वारा चांदी के वरक़ बनाने के गंदे तरीक़ों व उसमें ख़तरनाक़ चीज़ों के इस्तेमाल पर रोक लगाए हुए छह साल से ज़्यादा का वक़्त गुज़र चुका है मगर, स्थिति सुधरने के बजाय बदतर हो गई है.हाल ये है कि आज बाज़ार में मिलने वाला अधिकांश चांदी का वरक़ मांसाहारी और ज़हरीला है.यह न तो खाने लायक है, और न ही भगवान को चढ़ाने लायक.     चांदी के वरक़ की चमक-दमक (प्रतीकात्मक) देश में दिवाली और होली के अलावा बाक़ी दिनों में भी चांदी के वरक़ चढ़ी मिठाइयां पसंद की जाती हैं.पान, च्यवनप्राश, … - [मुस्लिम तुष्टिकरण: नेहरू की राह पर चल रहे हैं मोदी!](https://khulizuban.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%82/): – ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ जुमले या नारे में ‘सबका विश्वास’ का मतलब केवल और केवल मुसलमानों का दिल जीतना है   – नेहरू से भी आगे निकलकर मोदी गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनना चाहते हैं और वह सब कुछ करना चाहते हैं, जो मुसलमानों की हितैषी समझी जाने वाली कांग्रेस ने उनके लिए अब तक नहीं किया है   – जम्मू-कश्मीर नीति, वक्फ़ बोर्ड, मदरसा, मज़ार-दरगाह, हज, रोज़ा इफ़्तार के आयोजन, मुस्लिम समाज के उत्थान और विकास के नाम पर विशेष व्यवस्था और ख़र्च को तुष्टिकरण बताने वाले इन्हें सद्भाव कह रहे हैं   – जो गांधी … - [नुपुर शर्मा मामला: सुप्रीम कोर्ट के जजों की टिप्पणी लोकतंत्र की न्याय प्रणाली पर ऐसा दाग़ है, जो धुल नहीं सकता- पूर्व न्यायाधीश व लोक सेवक](https://khulizuban.com/%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80/): – 15 रिटायर्ड जजों, 77 सेवानिवृत्त लोकसेवकों और 25 सेवानिवृत्त सशस्त्र बलों के अधिकारियों व हज़ारों प्रबुद्ध जनों ने सुप्रीम कोर्ट के जज सूर्यकांत और जेबी पारदीवाला की नुपुर शर्मा पर टिप्पणियों को देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध व राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा बताया है   – फ़ोरम फॉर ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखे खुले पत्र में जस्टिस सूर्यकांत के रोस्टर को तब तक वापस लेने कि मांग की गई है जब तक कि वे रिटायर नहीं हो जाते   – सेवानिवृत्त जजों और कई वकीलों ने महिला … - [अग्निपथ योजना: सेना विरोधी ही नहीं, देश के लिए भी घातक](https://khulizuban.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%a5-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a7/): – अलगाववादी-जिहादी विचारधारा के युवकों को भारत के ख़िलाफ़ युद्ध के प्रशिक्षण के लिए सीमा पार जाने की ज़रूरत नहीं होगी   – हमारी सेना के दांव-पेच नक्सली-जिहादी-खालिस्तानी हमारी सेना ही के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करेंगें   – अग्निपथ योजना सरकार की गिरती साख को बचाने और वोटबैंक को साधने के मक़सद लाई गई एक विशुद्ध राजनैतिक योजना है, जिसका सामाजिक-आर्थिक सुधारों से कोई सरोकार नहीं  – अल्पकालिक सैनिक के रूप में अग्निवीरों की संख्या 50 फीसदी हो जाने से जूनियर लीडरशीप की समस्या तो पैदा होगी ही सेना भी कमज़ोर होगी   राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी की मुझे तोड़ लेना वनमाली, … - [पैग़म्बर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर बवाल, शिवलिंग के अपमान की चर्चा भी नहीं!](https://khulizuban.com/%e0%a4%aa%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%a6-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): नुपूर शर्मा ने पैग़म्बर मोहम्मद को लेकर टिप्पणी की तो हंगामा खड़ा हो गया, देशभर में प्रदर्शन हुआ, तोड़फोड़ और आगजनी हुई.विदेशों में भी इसकी गूंज सुनाई दी.खाड़ी देशों और ख़ासतौर से संयुक्त अरब अमीरात के रूख से भारत सरकार बैकफुट पर नज़र आई.मगर हैरानी की बात यह है कि भगवान शिव या शिवलिंग के अपमान को लेकर चर्चा भी नहीं हुई.विदेशों की बात छोड़िये, देश की मुख्यधारा की मीडिया ने भी इसे बहस का मुद्दा नहीं समझा.फिर वही हुआ, जो अब तक होता आया है.मध्यांतर (Interval) से पहले के सीन में विलेन बनकर उभरा तस्लीम रहमानी हीरो बन गया, … - [मदरसों को बंद किए बिना भारत में सेक्युलरिज्म और सामाजिक सौहार्द की बातें बेमानी हैं](https://khulizuban.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0/): – एक हाथ में कुरान-दूसरे हाथ में कंप्यूटर की नीति भ्रामक और ख़तरनाक है   – मदरसों को पैसे देना कसाई के हाथ में छुरी ख़रीदकर देने जैसा है   – मासूमों के दिलोदिमाग़ में नफ़रत का ज़हर भरा जाता है मदरसों में   – मदरसों में ही मोमिन और क़ाफ़िर के बीच दीवार ऊंची होती है   – समाज और देश की मुख्यधारा से कट जाते हैं मदरसों में पढ़ने वाले छात्र   लाशों के ढेर पर राजनीति तो हो सकती है, लोगों को बेवकूफ़ बनाकर चुनाव भी जीते जा सकते हैं मगर, आतंकवाद के सच को दफ़न नहीं … - [राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की तरह काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद और श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद भी 'उपासना स्थल अधिनियम' के दायरे में नहीं आते](https://khulizuban.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%ae%e0%a4%bf-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%bf/): – उपासना स्थल अधिनियम के दायरे से बाहर हैं काशी और मथुरा की ज्ञानवापी-शाही ईदगाह मस्जिदें   – मुसलमानों को फ़ायदा पहुंचाने के मक़सद से बने कांग्रेसी कानून ने मुसलमानों को ठगा   – Places of Worship Act, 1991 रूपी क़िले की धाराएं 3 और 4 रूपी दीवारों में दो खिड़कियां खुली रखी गई हैं   – हिन्दू विरोधी कानून ही मंदिर बनवाएगा- जानकारों की राय   जिस उपासना स्थल अधिनियम, 1991 की लोग दुहाई देते नहीं थकते, जिसे कवच बताते हुए विवादित स्थलों/इमारतों जैसे काशी की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा स्थित शाही ईदगाह मस्जिद को अभेद्य क़िला बताते हैं, उसकी … - [मज़ार क्या है? मज़ारों पर चादर चढ़ाना और मन्नतें मांगना जायज़ है?](https://khulizuban.com/%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a/): अपनी ग़लतियों पर पर्दा डालने के लिए चाहे कितने भी बहाने बनाए जाएं, दलीलें गढ़ी जाएं लेकिन, सच यही है कि मज़ारें इबादत की जगह नहीं हैं.मगर दुर्भाग्य से आज इससे भी बड़ा सच ये है कि बड़ी शिद्दत के साथ लोग यहां जाते हैं, रौशनी करते हैं, सजदा करते हैं, पीर-औलिया के सामने अपना दुखड़ा बयान करते हैं और झोली फैलाकर ऐसे मांगते हैं जैसे कि वे ही अल्लाह हों.फिर, मन्नते पूरी होने के बाद चादरें चढ़ाते हैं और कव्वालियां गाते हुए झूमते-नाचते हैं.ऐसे में, सवाल उठता है कि मज़ार आख़िर है क्या, इसकी इतनी अहमियत क्यों है, और बदलते दौर … - [टांगीनाथ धाम: खुले आसमान के नीचे ज़मीन में गड़े फरसे में ज़ंग क्यों नहीं लगता?](https://khulizuban.com/%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95/): झारखंड के गुमला जिले में स्थित टांगीनाथ धाम के नाम से प्रसिद्ध भगवान परशुराम की तपोस्थली में एक फरसा रहस्य का विषय है.सदियों पुराने इस फरसे में कभी ज़ंग नहीं लगता, जबकि यह खुले आसमान के नीचे ज़मीन में गड़ा है.मान्यता के अनुसार, त्रेता युग का यह फरसा भगवान परशुराम का है, जिसे उन्होंने स्वयं यहां गाड़ा था.     खुले आसमान के नीचे ज़मीन में गड़ा फरसा झारखंड की राजधानी रांची से 165 किलोमीटर दूर गुमला जिले के डुमरी प्रखंड स्थित टांगीनाथ धाम एक प्रसिद्ध स्थल है.इसकी ख़ास वज़ह है यहां ज़मीन में गड़ा हुआ एक फरसा.इस पर धूप, बारिश और हवा … - [हिजाब: कहीं नक़ाब और बुर्क़े की ज़िद, तो कहीं ख़िमार भी नज़र नहीं आता!](https://khulizuban.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95/): बदलते दौर में इस्लामी दुनिया के भीतर भी बाक़ी रंगबिरंगी दुनिया की तरह ही दो तरह की दुनिया पाई जाती है.कहीं आज भी हिजाब के नाम पर मर्द जबरन नक़ाब, अबाया, बुर्क़े आदि थोप कर औरतों को घर में ही क़ैद रखना चाहते हैं, बाहर की दुनिया में अपनी क़ाबिलियत साबित कर उन्हें अपनी पहचान बनाने का मौक़ा नहीं देना चाहते हैं, ताकि वे ग़ुलाम की ज़िंदगी बसर करती हुई सिर्फ़ मनोरंजन का सामान बनी रहें.मगर कहीं ऐसा भी है कि आज नक़ाब और बुर्क़ा तो क्या ख़िमार यानि दुपट्टा या ओढ़नी भी नज़र नहीं आती.यहां औरतों को मर्दों के बराबर के हक़-हकूक … - [अज़ान क्या है? अज़ान के लिए मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल ज़ायज़ है?](https://khulizuban.com/%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f/): अज़ान या अदान मुस्लिम समुदाय में रोज़ाना पांच वक़्त की नमाज़ों के लिए मुअज़्ज़िन द्वारा पुकार या बुलावा है.इसके लिए पैग़म्बर मुहम्मद ने किसी यंत्र को ज़ायज़ नहीं माना था और इंसानी आवाज़ को ही तरज़ीह दी थी.मगर, बदलते दौर में इंसान के साथ-साथ कुछ क़ायदे, उसूलों आदि की परिभाषा भी बदल गई.1970 के दशक तक ‘शैतान’ समझा जाने वाला लाउडस्पीकर यहां नापाक़ नहीं रहा, और अपनी शैतानी फ़ितरत के साथ मस्जिदों की मीनारों पर सजकर अज़ान का ज़रूरी माध्यम बन गया.आज हालत ये है कि इसकी कर्कश ध्वनि के कारण ध्यान भंग तो होता ही है, वातावरण भी अशांत … - [हलाल मार्केट गैंग: हलाल प्रोडक्ट की आड़ में बाज़ार पर एकाधिकार कर भारत के इस्लामीकरण की क़वायद](https://khulizuban.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): – हलाल प्रोडक्ट की आड़ में बाज़ार पर क़ब्ज़े कर भारत के इस्लामीकरण की चल रही है मुहिम   – मांसाहारी ही नहीं शाकाहारी चीज़ें भी हैं हलाल सर्टिफाइड, कंपनियां झोंक रही हैं आंखों में धूल     – प्रोडक्ट के हलाल प्रमाणीकरण की प्रक्रिया के दौरान मौलवी द्वारा उत्पाद पर फूंक मारने या थूकने का आरोप, अदालत पहुंचा विवाद   – क़लमा पढ़कर अलाल्ह के सुपूर्द की गई वस्तु (उत्पाद) एक मुसलमान के लिए तो हलाल है, लेकिन दूसरे धर्म के मानने वालों के लिए यह जूठन जैसा है, जिसे वे अपने भगवान को चढ़ाना तो दूर ख़ुद भी ग्रहण … ## Pages - [Terms & Conditions](https://khulizuban.com/terms-and-conditions-3/): The terms “We”/”Us”/”Our”/Proprietary/MSME indivisually and collectively refer to khulizuban.com, the msme that owns and operates the website khulizuban.com and the Terms “Visitor” “User” refers to the indivisuals who access the said website through their web browser or any third party apps or platforms that allows them to access websites. 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