शिक्षा एवं स्वास्थ्य
जानिए कान की सफ़ाई का तरीक़ा, आसानी से निकल जाता है मैल

मन का मैल बड़ी कठिनाई से निकलता है. लेकिन कान के मैल के साथ ऐसी बात नहीं है. यह आसानी से निकल जाता है. वह भी बिना किसी नुकसान के. ऐसे कुछ तरीक़े हैं जिन्हें इस्तेमाल कर हम घर पर ही ख़ुद अपने कान की सफ़ाई कर सकते हैं.
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| कान का मैल और उसकी सफ़ाई (सांकेतिक) |
वैसे कान का मैल या ईयर वैक्स कोई अवांछित या बेकार चीज़ भी नहीं है, जिसकी नियमित सफ़ाई की आवश्यकता हो. दरअसल, यह हमारे की कान की ग्रंथियों द्वारा उत्पन्न ऐसा पदार्थ है, जो हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र के रूप में ही काम करता है.
पीले रंग का मोम जैसा दिखने वाला चिपचिपा पदार्थ ईयर वैक्स दरअसल, कान को तो साफ़ रखता ही है, कई प्रकार के रोगाणुओं से बचाता भी है.यह कान के अंदर धूल-मिट्टी और फंगी को घुसने से रोकता है.
कान के मैल को लेकर समस्या तब आती है जब कान खुजाने या मैल की सफ़ाई करने के चक्कर में कई लोग ईयरबड, सेफ्टी पिन या चाबी के इस्तेमाल से इसे अंदर धकेल कर कान की नली तक पहुंचा देते हैं.इससे कम सुनाई देने या अस्थाई बहरेपन की समस्या पैदा हो जाती है.
ज्ञात हो कि कान के मैल का जमना या बनना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसकी रोकथाम नहीं की जा सकती.हालांकि अधिकांश लोगों में कान का मैल बिना किसी नुकसान के अपने आप निकलता रहता है.फिर भी, कुछ लोगों में सूखा या कठोर मैल (आनुवंशिकी या कुछ बीमारियों के कारण) बनने के कारण यह अपने आप नहीं निकल पाता और परिणामस्वरूप कान में खुज़ली, कम सुनाई देने और कुछ अन्य प्रकार की समस्याएं देखने को मिलती हैं.
ऐसे में अगर कान भारी महसूस हो, या कोई अन्य समस्या हो, तो कान की सफ़ाई करनी आवश्यक हो जाती है.
भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में कान संबंधी बीमारयों के इलाज के कई तरीक़े सुझाए गए हैं, कई तरह की औषधियां बताई गई हैं.इसमें कुछ ऐसे घरेलू नुस्ख़े बताए हैं, जिन्हें अपनाकर बिना किसी हानि के जल्द कान का मैल या ईयर वैक्स निकाल सकते हैं.
नमक के पानी का प्रयोग
एक चम्मच नमक लें.इसे आधे कप गुनगुने पानी में मिलाएं.फिर, इस मिश्रण में रूई का टुकड़ा डुबोकर इसे कान में निचोड़ दें.यानि उतनी बूंदें डाल दें कि कान लबालब भर जाए.
यह आप ड्रॉपर की मदद से भी कर सकते हैं.
ध्यान रहे कि जिस कान में यह मिश्रण डालें, उसकी विपरीत दिशा में 10 मिनट तक लेटे रहें.फिर, दिशा बदल कर (पलटकर) कान को ख़ाली कर दें.आप देखेंगें कि पानी के साथ मैल भी बाहर आ जाएगा.
अब, साफ़ यानि धुले हुए सूती कपड़े से कान को अच्छी तरह पोंछ लें.
यही प्रक्रिया फिर, दूसरे कान में दोहराएं.
यह तरीक़ा दिन में दो बार और दो दिनों तक अपनाएं.इसके बाद, आप देखेंगें कि कान हल्का महसूस होगा और कान की दूसरी समस्याएं भी दूर हो चुकी होंगीं.
सेब के सिरके का प्रयोग
एक चम्मच सेब का सिरका (सेब का खमीरिकृत रस) लें.इसमें एक चम्मच ताज़ा पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें.फिर, इस मिश्रण को उपरोक्त विधि के अनुसार (जैसा कि ‘नमक के पानी के प्रयोग’ में बताया गया है) बारी-बारी से दोनों कान में डाल लें.
यह प्रक्रिया दिन में दो बार और दो दिनों तक अपनाएं.
इसके प्रयोग से कान का मैल तो साफ़ हो ही जाएगा, कान के अंदर मौजूद बैक्टीरिया भी मर जाएंगें.
प्याज के रस का प्रयोग
एक मध्यम आकार (थोड़ा छोटा) का प्याज का टुकड़ा छीलकर आग में भूनें.
अब, इसका रस निकाल लें.फिर, रूई के टुकड़े की मदद से इसकी पांच-सात बूंदें बारी-बारी से (10 मिनट के अंतराल पर, जैसा कि ऊपर ‘नमक के पानी के प्रयोग’ में बताया गया है) दोनों कानों में डालें.
यह प्रक्रिया दिन में दो बार और दो दिनों तक अपनाएं.
इसका असर भी जल्द देखने को मिलेगा.ईयर वैक्स बाहर आ जाएगा.
नारियल तेल का प्रयोग
एक चम्मच नारियल का तेल लें.इसे गुनगुना, यानि हल्का गर्म कर ड्रॉपर से दोनों कान में बारी-बारी से (10 मिनट के अंतराल पर, जैसा कि ‘नमक के पानी के प्रयोग’ में बताया गया है) डाल लें.
यह प्रक्रिया दिन में दो बार और दो दिनों तक अपनाएं.
यह प्रयोग कान का मैल साफ़ करने में उपयोगी होने के साथ-साथ कान में संक्रमण को भी ख़त्म करने में कारगर है.
दरअसल, नारियल का तेल बैक्टीरिया को मारने में सक्षम होता है.
जानकारों के अनुसार, परीक्षणों से पता चला है कि सामान्य परिस्थितियों में नारियल तेल के प्रयोग से कान के अंदर सूक्ष्म जीव पनप नहीं पाते.
सरसों के तेल का प्रयोग
दो चम्मच शुद्ध सरसों का तेल लें.इसमें लहसुन की चार कलियां डालकर गर्म कर लें.
कुछ देर इसे यूं ही छोड़ दें, ताकि इसका तापमान कम हो जाए.फिर, इस गुनगुने (हल्का गर्म) तेल की पांच-सात बूंदें ड्रॉपर की मदद से बारी-बारी से (10 मिनट के अंतराल पर, जैसा कि ‘नमक के पानी के प्रयोग’ में बताया गया है) दोनों कान में डालें.
यह प्रक्रिया दिन में दो बार और दो दिनों तक अपनाएं.इसका जल्दी लाभ मिलेगा.
ज्ञात हो कि सरसों का तेल भी नारियल तेल की तरह बहुत उपयोगी होता है.यह कान का मैल निकालने में अच्छा मददगार साबित होता है.
बादाम के तेल का प्रयोग
एक चम्मच बादाम का तेल लें.इसे हल्का गर्म (गुनगुना) करें.फिर, इस गुनगुने तेल की तीन बूंदें ड्रॉपर की मदद से बारी-बारी से (10 मिनट के अंतराल पर, जैसा कि ‘नमक के पानी के प्रयोग’ में तरीक़ा बताया गया है) दोनों कान में डालें.
यह प्रक्रिया दिन में दो बार और दो दिनों तक अपनाएं.
इसका लाभ भी जल्द देखने मिलेगा.
दरअसल, कान का मैल या ईयर वैक्स निकालने का यह सदियों पुराना तरीक़ा है.अधिकांश आयुर्वेदिक चिकिसक इसके प्रयोग की सलाह देते हैं.
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